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आज की पांच बड़ी अंतरास्ट्रीय खबरों पर एक नजर

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1 इंग्लैंड के बरमिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी के बाद आज से मुकाबले शुरू हो गए हैं। बर्मिंघम में चल रहे साल के सबसे बड़े इस स्पोर्ट्स मल्टी इवेंट के पहले दिन 16 गोल्ड दांव पर होंगे। 11 दिन तक चलने वाले इन गेम्स में 72 देशों के 5 हजार से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें 20 खेलों में 280 इवेंट्स होंगे। भारत का 213 सदस्यीय दल हिस्सा लेगा। इसमें 110 पुरुष और 103 महिला खिलाड़ी हैं।
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2.देर रात गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस दौरान दोनों लीडर्स फेस-टू-फेस मिलने के लिए सहमत हुए। बाइडेन के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद दोनों नेताओं की ये पहली व्यक्तिगत बैठक होगी। हालांकि बैठक कब और कहां होगी, इस बारे में फिलहाल जानकारी नहीं दी गई है।
न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, ताइवान में अमेरिकी दखलंदाजी से नाराज चीनी राष्ट्रपति ने बाइडेन को एक तरह से सीधी धमकी बाइडन को दे दी। जिनपिंग ने कहा- मैं आपसे सिर्फ इतना कहूंगा कि जो लोग आग से खेलने की कोशिश करते हैं, वो जल जाते हैं।

इस वॉर्निंग के सीधे मायने ये हैं कि दोनों देशों के बीच कड़वाहट तेजी से बढ़ रही है। चीन को यह कतई मंजूर नहीं है कि अमेरिका और बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन ताइवान की मदद करे

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3.अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी, परसिडेंट बाइडेन और सी जिनपिंग वर्चुअल मीटिंग के बाद ताइवान विजिट पर जा रही हैं। चीन इसको लेकर बेहद परेशान है और लगातार अमेरिका को गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दे रहा है। पेलोसी की ताइवान विजिट की तारीख तो तय नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि वो अगस्त के पहले हफ्ते में ताइवान जा सकती है।

अगर ऐसा होता है तो 1997 के बाद पहली बार (25 साल बाद) अमेरिका का इतना बड़ा ओहदेदार इस देश की यात्रा करेगा। चीन हमेशा से ताइवान को अपना हिस्सा बताता है। दूसरी तरफ, ताइवान खुद को लोकतंत्र और आजाद मुल्क मानता है। अमेरिका किसी भी सूरत में ताइवान को चीन के हाथों में जाते नहीं देख सकता। यही टकराव की वजह भी है।

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4.पडोसी मुल्क पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने 28 जुलाई से 10 अगस्त के बीच भारत के चेन्नई में होने वाले 44वें शतरंज ओलंपियाड में भाग लेने के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित किया था। पाकिस्तान ने इंटरनेशनल चेस ओलंपियाड की मशाल जम्मू-कश्मीर से होकर गुजरने के कारण चेन्नई में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का वह बहिष्कार का ऐलान किया है। वहीं, भारत ने पाकिस्तान के इस फैसले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
पाकिस्तान के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि पाकिस्तान ने अचानक इस कार्यक्रम में भाग नहीं लेने का फैसला लिया है। नई दिल्ली में उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान ने इस तरह के बयान देकर और अपनी टीम के भारत पहुंचने के बाद बहिष्कार करके प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन का राजनीतिकरण कर दिया है।

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5.भारत में निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस की सुर्खियां थम नहीं रही है । इसकी बड़ी वजह यह है कि दक्षिण-एशियाई देश मलेशिया की पहली पसंद बना हुआ है। भारत और मलेशिया के बीच इस फाइटर जेट के सौदे को लेकर वार्ता का दौर जारी है। मलेशिया के फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए आयोजित प्रतियोगिता में चीन का JF-17, दक्षिण कोरिया का FA-50 और रूस का Mig-35 और Yak-130 प्लेन शामिल थे। तेजस ने इन सबको पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है। आज इस कड़ी में हम आपको बताएंगे कि तेजस दुनिया के अन्‍य युद्धक विमानों से क्‍यों श्रेष्‍ठ है। अपनी किन खूबियों के कारण वह मलेशिया की पहली पसंद बना। इस विमान पर विशेषज्ञों की क्‍या राय है।

इस रक्षा सौदे के तहत भारत मलेशिया को मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल का आफर भी दे रहा है। इसके तहत मलेशिया में ही एक फैसिलिटी बनाई जाएगी, जहां भारतीय इंजीनियर तेजस समेत रूसी सुखोई Su-30 फाइटर जेट की भी मरम्मत करेंगे। दरअसल, यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से रूस के अंतरराष्ट्रीय डील पर लगे प्रतिबंध की वजह से मलेशिया अभी रूस से मदद नहीं ले सकता है।

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