जलाशयों में तैरते सौर ऊर्जा संयंत्रों की तलाशी जाएंगी संभावनाएं

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की उपस्थिति में राज्य में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (एनआरईएस) के दोहन और विकास में सहयोग की रूपरेखा स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार और ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीणा ने राज्य सरकार की ओर से और निदेशक (संचालन) पंकज कुमार गोस्वामी ने कंपनी की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने कहा कि कंपनी द्वारा राज्य के विभिन्न जलाशयों में फ्लोटिंग (तैरते) सोलर पावर प्लांट स्थापित करने तथा ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। उन्होंने कहा कि ओआईएल पायलट आधार पर ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया के उत्पादन के लिए एक संयंत्र भी स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में हरित ऊर्जा उत्पादन की अधिकता के साथ हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के अपार अवसर विद्यमान हैं तथा सरकार ने इस क्षमता का दोहन करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं।

उन्होंने कंपनी के अधिकारियों को अगले सप्ताह विशेषज्ञों की एक टीम भेजकर इन परियोजनाओं को लागू करने के लिए स्थलों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा के लिए 26 मई, 2023 को एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *