भाई दूज कब है, जानें सही तारीख, पूजन का शुभ मुहूर्त और तिलक विधि

भाई दूज कब है, जानें सही तारीख, भाई दूज पूजन का शुभ मुहूर्त

When is Bhai Dooj, know the exact date, auspicious time of worship and Tilak method

हर साल दिवाली के दो दिन बाद भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है. भाई दूज के दिन सभी बहनें अपने भाइयों को टीका करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं कि 2024 में भाई दूज की वास्तविक तारीख क्या है.

पांच दिन के दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस के साथ होती है. इस बार दीपावली का पर्व 5 दिन का नहीं, बल्कि 6 दिन का रहेगा. इसकी वजह है कार्तिक अमावस्या का दो दिन पड़ना, जिस कारण दिवाली एक नहीं, बल्कि दो दिन मनाई गई. इस दीपोत्सव पर्व का समापन भैया दूज यानी भाई दूज पर होता है. भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है. इस दिन व्यापारी वर्ग के लोग चित्रगुप्त पूजा भी करते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाई दूज तका पर्व यमराज और उनकी बहन के अटूट प्रेम को दर्शाता है.

अमावस्या तिथि की तिथि के कारण दिवाली मनाने को लेकर काफी भ्रम की स्थिति रही. जहां दिवाली का पर्व दो दिन मनाया गया, वहीं अब दिवाली के बाद आने वाले पर्व जैसे गोवर्धन पूजा और भाई दूज की तारीख को लेकर कंफ्यूजन बन गया. ऐसे में लोग असमंजस की में पड़ रहे हैं कि भाई दूज कब मनाया जाएगा. चलिए आपकी इस कंफ्यूजन को दूर करते हुए बताते हैं कि आखिर 2024 में भाई दूज की सही तारीख क्या है?

2 या 3 नवंबर, भाई दूज कब है? (Bhai dooj kab hai 2024)

हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भाई दूज मनाया जाता है. यम द्वितीया स्नेह, सौहार्द व प्रीति का प्रतीक है. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 2 नवंबर 2024 की रात 8:21 पर शुरू हो जागी और इसका समापन 3 नवंबर 2024 को रात 10:05 पर होगा.

ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, साल 2024 में भाई दूज का त्योहार 3 नवंबर को ही मनाया जाएगा.

 

भैया दूज का शुभ मुहूर्त कब है? (Bhai dooj 2024 muhurat)

भाई दूज पूजा का शुभ मुहूर्त (Bhai dooj puja time) – भाई दूज पूजा का समय 3 नवंबर सुबह 11 बजकर 45 मिनट से लेकर 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा.

Reginal Languages:

1. Hindi

“भैया दूज की ढेर सारी शुभकामनाएं! मेरी दुआ है कि आप हमेशा खुश रहें, स्वस्थ रहें और सफलता की ऊँचाइयों को छूते रहें।”
(Translation: Wishing you a very Happy Bhai Dooj! I pray that you always stay happy, healthy, and achieve great success.)


2. Marathi

“भाऊबीज निमित्त तुमचं आयुष्य आनंदात, आरोग्यसंपन्न आणि यशस्वी जावं हीच माझी प्रार्थना. भाऊबीजच्या हार्दिक शुभेच्छा!”
(Translation: On this Bhai Dooj, I pray that your life be filled with joy, health, and success. Wishing you a very Happy Bhai Dooj!)


3. Bengali

“ভাই ফোঁটার অনেক অনেক শুভেচ্ছা! ঈশ্বর করুন তুমি সবসময় সুখী, সুস্থ এবং সফল হও।”
(Translation: Wishing you a lot of happiness on Bhai Dooj! May you always stay happy, healthy, and successful.)


4. Gujarati

“ભાઈબીજની હાર્દિક શુભેચ્છાઓ! આપનો જીવન હંમેશા ખુશીઓથી ભરપૂર રહે અને સફળતા હાંસલ કરે.”
(Translation: Heartfelt wishes for Bhai Dooj! May your life always be filled with happiness and success.)


5. Punjabi

“ਭਾਈ ਦੂਜ ਦੀਆਂ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਮੁਬਾਰਕਾਂ! ਤੂੰ ਸਦਾ ਖੁਸ਼, ਤੰਦਰੁਸਤ ਅਤੇ ਕਾਮਯਾਬ ਰਹੇ, ਇਹੀ ਅਰਦਾਸ ਹੈ।”
(Translation: Many, many congratulations on Bhai Dooj! I pray that you stay happy, healthy, and successful always.)


6. Telugu

“భాయి దూజ్ శుభాకాంక్షలు! మీరు ఎల్లప్పుడూ సంతోషంగా, ఆరోగ్యంగా, విజయవంతంగా ఉండాలని కోరుకుంటున్నాను.”
(Translation: Wishing you a very Happy Bhai Dooj! I pray that you always stay happy, healthy, and successful.)


7. Tamil

“பை தூஜ் நல்வாழ்த்துகள்! நீங்கள் எப்போதும் சந்தோஷமாகவும் ஆரோக்கியமாகவும் வெற்றியடையவும் எனது பிரார்த்தனை.”
(Translation: Best wishes for Bhai Dooj! I pray that you always stay happy, healthy, and achieve success.)


8. Kannada

“ಭಾಯಿ ದೂಜ್ ಹಬ್ಬದ ಶುಭಾಶಯಗಳು! ನೀವು ಸದಾ ಸಂತೋಷದಿಂದ, ಆರೋಗ್ಯದಿಂದ, ಯಶಸ್ವಿಯಾಗಿ ಇರಲಿ ಎಂದು ಪ್ರಾರ್ಥಿಸುತ್ತೇನೆ.”
(Translation: Wishing you a joyful Bhai Dooj! May you always be happy, healthy, and successful.)


 तिलक लगाने का मुहूर्त (Bhai dooj tilak muhurat)

भाई दूज पर तिलक लगाने का समय 3 नवंबर की दोपहर 1:10 मिनट से दोपहर 3:22 मिनट तक है. ऐसे में 3 नवंबर को भाई को तिलक करने के लिए 2 घंटे और 12 मिनट का शुभ मुहूर्त मिल रहा है.

भाई दूज क्यों मनाते हैं? (Bhai dooj kyu manate hai)

पौराणिक मान्यता है कि अगर बहनें भाई दूज के दिन शुभ मुहूर्त में भाइयों को तिलक करती हैं, तो भाइयों की उम्र लंबी होती है और भाई-बहन दोनों के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है. साथ ही भाई-बहन के रिश्ते में मधुरता आती है. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन यमराज की बहन यमुना ने अपने भाई को आदर सत्कार के साथ अपने घर आंमत्रित किया था और भोजन कराया था.

यमराज के वरदान अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन यमुना में स्नान करके, यम की पूजा करेगा, मृत्यु के बाद उसे यमलोक में नहीं जाना पड़ेगा. यमुना को सूर्य देव की पुत्री माना जाता है. ऐसी मान्यता हैं कि यमुना देवी सभी कष्टों को दूर करती हैं, इसलिए यम द्वितीया के दिन यमुना नदी में स्नान करना और यमुना-यमराज की पूजा करना फलदायी माना जाता है।

 

 

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