दुबई इन दिनों गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। हैरानी की बात यह है कि 16 जुलाई की दोपहर को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तापमान 144 डिग्री फैरेनहाइट यानी 62.44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। शाम को पांच बजे यह घटकर 53.9 डिग्री सेल्सियस हो गया । जिस समय यह तापमान दर्ज किया गया, उस समय हवा भी गर्म थी। यानि दुबई में वेट बल्ब टेंपरेचर का माहौल है। ऐसा मौसम जानलेवा होता है।इसमें सर्वाइवल बेहद मुश्किल है।
बता दें कि दुबई में गर्मियों में आमतौर पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस पार ही रहता है लेकिन यहां की गर्मी को बर्दाश्त करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। पूरी दुनिया में इस साल की गर्मियों का मौसम वाकई अत्यधिक गर्म था।ह्यूमिडिटी इतनी ज्यादा है कि पूरे खाड़ी इलाके में लोगों दम घुंट रहा है। असल में रिलेटिव ह्यूमिडिटी जब अधिक तापमान से मिलता है, तब गर्मी ज्यादा महसूस होती है। यानी तापमान भले ही 40-42 डिग्री सेल्सियस हो, लेकिन ऐसे माहौल में यह 55-60 डिग्री सेल्सियस महसूस होती है। खाड़ी देशों में गर्मी और नमी का जानलेवा मिश्रण होता है। ऐसी स्थिति में इंसानी शरीर बहुत ज्यादा पसीना छोड़ता है। ज्यादा पसीना निकलने पर डिहाइड्रेशन की दिक्कत हो सकती है व सांस फूलने की समस्या हो सकती है।
