In Rampur, the patient was tied to a chair and taken to the hospital
कुल्लू (Kullu) जिले के निरमंड क्षेत्र की कुशवा पंचायत में सड़क सुविधा की कमी के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाना आज भी चुनौती बना हुआ है। पंचायत का 70% हिस्सा सड़क से वंचित है। मरीजों को कुर्सी या पालकी पर बांधकर अस्पताल ले जाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर मदद न मिले, तो कई बार मरीज की जान घर पर ही चली जाती है।
ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही मुश्किलें
कुशवा पंचायत के प्रधान कैलाश ब्रामटा (Kailash Bramata, head of Kushwa Panchayat) और अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना बेहद कठिन है। सोमवार को भी एक ग्रामीण को पालकी पर बैठाकर अस्पताल ले जाया गया। यह स्थिति बार-बार सामने आती है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इन गांवों में सड़क सुविधा का अभाव
कुशवा पंचायत के कई गांव जैसे रोपड़ी, बाहन, शुडवार, शाह, दोगरी, नारूकु, किंचा, शाईच, और शिनारूकु (Ropdi, Bahan, Shudwar, Shah, Dogari, Naruku, Kincha, Shaich, and Shinaruku) पूरी तरह से सड़क सुविधा से वंचित हैं। यहां के लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए 12 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। यह स्थिति हर मौसम में परेशानी का कारण बनती है।
2017 में बनी सड़क योजना, लेकिन कागज गुम
2017 में कुशवा पंचायत के अंतिम गांव तक 12.5 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए ग्रामीणों ने अपनी जमीन भी प्रशासन को दी थी। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि संबंधित विभाग ने इस परियोजना से जुड़े कागजात गुम कर दिए।
फाइलें विभागों के बीच अटकी
नई योजना तैयार कर संबंधित विभागों को सौंप दी गई है। मौजूदा पंचायत ने सड़क निर्माण के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। इसके बावजूद फाइल लोक निर्माण विभाग (Public Works Department) और वन विभाग (Forest Department) के बीच अटकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सड़क निर्माण का काम शुरू हो सके और उनकी परेशानियां खत्म हों।
