प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे पर्यटन कारोबार को पटरी पर लाने के लिए सैलानियों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन निगम ने योजना बनाई है। इसी कड़ी में शिमला में पहली बार इंटरनेशनल फ्लाइंग फेस्टिवल करवाया जा रहा है। पर्यटन विभाग के माध्यम से जुन्गा में 12 से 15 अक्तूबर तक होने वाले इस फेस्टिवल में देश के अलावा विदेशी पैराग्लाइडर पायलट भाग लेंगे। आयोजन में विभिन्न स्पर्धाएं होंगी और विजेता सम्मानित किए जाएंगे।
ग्लाइड इन कंपनी कस्टमर की रिलेशनशिप मैनेजर मोक्षिता ने बताया कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यह प्रतियोगिता करवाई जा रही है। पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पायलटस भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगियों के लिए एंट्री फीस 5500 से 7000 तक रखी गई है। रिज मैदान पर लाइव डेमोस्ट्रेशन किया जा रहा है। ताकि पर्यटकों को पता लग सके कि शिमला में भी इस तरह के साहसिक खेलों को करवाया जा रहा हैं।
हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग के प्रमुख स्थल
कांगड़ा घाटी में बीड़ बिलिंग- बीड़ हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में स्थित एक गांव है। बिलिंग पैराग्लिडिंग के लिए टेकऑफ़ साइट है और लैंडिंग साइट बीड़ है, सामूहिक तौर पर इसे बीड़ बिलिंग कहा जाता है। बीड़ ईकोटोरिज़्म, आध्यात्मिक अध्ययन और ध्यान के लिए एक प्रसिद्ध केंद्र है। क्यूंकि बीड़ कई बौद्ध मठों और एक बड़े स्तूप के साथ तिब्बती शरणार्थीयों का घर है।
मनाली में सोलंग नाला- मनाली पैराग्लाइडिंग का आनंद लेने के लिए सबसे अच्छे स्थान हैं। दरअसल मनाली की सोलंग वैली एक टूरिस्ट साइड वैली है। सोलांग घाटी हिमाचल प्रदेश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से भी एक है। सोलंग घाटी को देखने के लिए हर साल लाखो की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। सर्दियों के दौरान सोलंग वैली बर्फ से ढकी रहती है। इस दौरान स्कीइंग यहां का एक लोकप्रिय खेल है। मई में जब बर्फ पिघलती है तो इस दौरान स्कीइंग जोरबिंग, पैराग्लाइडिंग और पैराशूटिंग में बदल जाती है। यह एडवेंचर के शौकीनों के लिए एक पसंदीदा जगह है।
इसके अलावा जिला कुल्लू में पैराग्लाइडिंग के लिए 8 साइट चिन्हित की गई हैं। जबकि लाहौल स्पीति में तीन, मंडी में चार, बिलासपुर में एक, ऊना में दो, हमीरपुर में दो, शिमला में 2, सिरमौर में एक साइट पैराग्लाइडिंग की हैं।
फ्लाइंग फेस्टिवल से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून हुई तबाही के बाद पर्यटन कारोबार को भी धक्का लगा है। जुलाई और अगस्त में हुई तबाही के बाद पर्यटक अब हिमाचल प्रदेश का रुख करने से भी कतरा रहे है। जिससे पर्यटन कारोबार चौपट हो चूका है। हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी के लिए पर्यटन का खासा महत्व है और लाखो पर्यटक हर साल हिमाचल का रुख करते है। लेकिन इस बार मानसून के बाद होटल खली पड़े है। जिसके बाद होटल कारोबारियों द्वारा अब पर्यकों के लिए 50 फ़ीसदी डिस्काउंट की घोषणा भी कर दी गयी है। वहीँ हिमाचल प्रदेश में इस तरह की गतिविधियाँ भी आयोजित करवाई जा रही है। जिससे हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा मिले।
नादौन में होगी राफ्टिंग मैराथन
इसी के मद्देनज़र शिमला के जुन्गा में’ इंटरनेशनल फ्लाइंग फेस्टिवल’ का आयोजन करवाया जा रहा है। जिसमें दुनिया भर से पैराग्लाइडर भाग लेंगे। वहीँ इसके बाद हमीरपुर जिले के नादौन में नवंबर महीने में राफ्टिंग मैराथन पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित करवाई जाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में विदेशी टीमें भी भाग लेंगी। ब्यास नदी में नादौन से देहरा तक करीब 8 किलोमीटर यह स्पर्धा होगी। पहले यह आयोजन सितंबर में प्रस्तावित था, लेकिन बरसात से हुए भारी नुकसान के बाद अब इसे नवंबर में आयोजित किया जायेगा।
