हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को शुरू हुआ। लेकिन सत्र के पहले ही दिन सदन में हंगामा हुआ और विपक्ष ने वाकआउट किया। पहले दिन की बैठक शुरू होने से पहले सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया। वह विपक्ष के अन्य सदस्यों से भी उनके पास जाकर मिले। राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विपक्ष और सत्तापक्ष के सदस्यों से सदन की कार्यवाही के संचालन में सहयोग की अपील की। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पहले दिन की बैठक की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद पूर्व विधायकों टेक चंद, नारायण सिंह स्वामी और दौलतराम चौधरी के निधन पर शोकोद्गार हुआ।
मुख्यमंत्री ने शोकोद्गार प्रस्ताव रखा। उन्होंने तीनों के योगदान को याद करते हुए वक्तव्य दिया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी शोकोद्गार वक्तव्य दिया। जयराम के बाद मंत्री राजेश धर्माणी ने शोकोद्गार वक्तव्य दिया। शोकोद्गार के बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने प्रश्नकाल की घोषणा की तो नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सारा काम रोककर विपक्ष की ओर से दिए गए नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा मांगी। विपक्ष ने नियम 67 के तहत कानून व्यवस्था विषय पर एक स्थगन प्रस्ताव दिया।
इस पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच खूब नोकझोंक हुई। नोकझोंक के बीच विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले कल ही ट्रक यूनियन के दो गुटों में झगड़ा हुआ। ये तस्करी से जुड़े बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि लेनदेन में कोई हिसाब नहीं मिला। 14-15 लोग डंडे लेकर पहुंचे। इनमें से एक की तो मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य पीजीआई में गंभीर रूप से घायल अवस्था में दाखिल है। एक अन्य पंचकूला में है।
