Chitta case in Himachal: BJP MLA’s nephew arrested from forest, Chitta and electronic weighing scale recovered
हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh ) में चिट्टा अब केवल नशे की समस्या नहीं रहा, बल्कि यह पूरे सिस्टम के लिए एक खुली चुनौती बन चुका है। सरकार की ओर से जागरूकता अभियान, पोस्टर और इनाम की घोषणाएं जारी हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तस्करों और सप्लायरों में न कानून का डर दिख रहा है और न ही सत्ता का।
भाजपा विधायक के भतीजे की गिरफ्तारी से बढ़ी गंभीरता
मामला तब और संवेदनशील हो गया जब बड़सर से भाजपा विधायक के भतीजे को पुलिस ने चिट्टे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गश्त के दौरान दो युवकों की गिरफ्तारी
हमीरपुर पुलिस ने बुधवार सुबह गश्त के दौरान अलग-अलग मामलों में दो युवकों को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के पास से कुल करीब 2 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है।
गलोड़ क्षेत्र से युवक गिरफ्तार
पहले मामले में बड़सर विधानसभा क्षेत्र के गांव ओक निवासी शुभम शर्मा (26) को गलोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से करीब 1 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों को लेकर पहले से संदेह था, जिसके बाद गश्त के दौरान कार्रवाई की गई।
विधायक के भतीजे के पास चिट्टा और इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद
दूसरे मामले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। बड़सर से भाजपा विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के भतीजे आकाश शर्मा (27), निवासी गांव नेरी, को संमलेहड़ा जंगल से गिरफ्तार किया गया। आरोपी विधायक के साले का बेटा बताया जा रहा है। तलाशी के दौरान उसके पास से 1 ग्राम चिट्टा और चिट्टे को तोलने वाली इलेक्ट्रॉनिक मशीन बरामद हुई है।
नेटवर्क की तलाश में पुलिस
एएसपी बलवीर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी केवल उपभोक्ता हैं या इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। चिट्टा कहां से आया, किसे सप्लाई किया जाना था और इसमें कौन-कौन शामिल है—इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
इनाम की घोषणा के बावजूद नहीं थम रहा कारोबार
गौरतलब है कि हिमाचल सरकार ने चिट्टा तस्करों की सूचना देने पर इनाम की घोषणा कर रखी है। सरकार के अनुसार—
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2 ग्राम चिट्टे की सूचना पर 10 हजार रुपये
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5 ग्राम पर 25 हजार रुपये
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25 ग्राम पर 50 हजार रुपये
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1 किलो पर 5 लाख रुपये
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5 किलो चिट्टे की सूचना पर 10 लाख रुपये
इसके अलावा नेटवर्क के सरगना को पकड़वाने पर 5 लाख रुपये का अलग प्रावधान है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और 30 दिनों के भीतर इनाम देने की बात कही गई है।
जमीनी हकीकत ने खड़े किए सवाल
लगातार सामने आ रहे मामलों ने इन तमाम घोषणाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब जनप्रतिनिधियों के परिवार तक इस जाल में फंसते नजर आएं, तो यह लड़ाई और भी गंभीर हो जाती है। अब सबकी नजरें जांच पर टिकी हैं—क्या इससे बड़े नाम सामने आएंगे और कार्रवाई कितनी दूर तक पहुंचेगी।
