CM Sukhu flagged off the ‘Chitta Mukti Walkathon’
हिमाचल प्रदेश( HIMACHAL PRADESH ) में नशे के खिलाफ आज (शनिवार) एक बड़ा जन आंदोलन शुरू किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला के रिज से राज्य स्तरीय ‘चिट्टा मुक्ति वॉकथन’ को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की। रिज पूरी तरह से खचाखच भरा रहा। इस दौरान सीएम ने वहां मौजूद स्टूडेंट्स और आम जनता से नशा न करने की शपथ दिलाई।
इसके बाद सीएम सुक्खू खुद भी सैकड़ों छात्रों और आम लोगों के साथ रिज से विधानसभा तक पैदल चले, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशा और नशा माफिया को जड़ से समाप्त करना है। सरकार ने इसके लिए नारा दिया है:
“चिट्टा छोड़ो, जीवन अपनाओ, कदम से कदम मिलाकर चिट्टा मुक्त नया हिमाचल।”
शिमला में राज्य स्तरीय वॉकथन के बाद पूरे प्रदेश के जिलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
हर परिवार को नशे के खिलाफ खड़ा होना होगा
सीएम सुक्खू ने कहा कि चिट्टा परिवारों को खोखला कर रहा है और इसे मिटाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जनता की सक्रिय भागीदारी जरूरी है और हर परिवार को इस अभियान का हिस्सा बनना होगा। सीएम ने नशा माफिया को चेतावनी दी कि “इस कारोबार को छोड़ दो, नहीं तो जेल जाने के लिए तैयार हो जाओ।”
तीन साल में बड़ी कार्रवाई
2023 से 2025 के बीच हिमाचल पुलिस ने 1140 एनडीपीएस मामलों में 1803 तस्करों को गिरफ्तार किया। इसी अवधि में बरामद की गई सामग्री में शामिल हैं:
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919 किलो चरस
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32.9 किलो हेरोइन
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1632 किलो पोपी हस्क
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89.6 किलो अफीम
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लाखों कैप्सूल और टैबलेट्स
साथ ही 69.76 लाख भांग के पौधे नष्ट किए गए, जो पहाड़ी इलाकों में नशे के फैलाव का गंभीर संकेत हैं।
संपत्तियों की कुर्की और कानून के सख्त प्रावधान
नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए पिछले तीन साल में कुल 35.95 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की गई। इसमें 2023 में 4.87 करोड़, 2024 में 24.42 करोड़ और 2025 में अब तक 6.66 करोड़ रुपए की संपत्ति शामिल है। इसके अलावा 7.74 करोड़ की संपत्तियों को कुर्की की पुष्टि के लिए भेजा गया है। कुल 1214 संपत्तियां चिह्नित की गई हैं।
आवश्यकता और भविष्य की योजना
पिछले कुछ वर्षों में हिमाचल के कुछ जिलों में चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी तेजी से बढ़ी है। युवाओं में नशे की पकड़ और तस्करी नेटवर्क के फैलाव ने सरकार और पुलिस दोनों के लिए चिंता बढ़ाई।
उपचार और पुनर्वास पर फोकस
प्रदेश में पहले से कुल्लू, ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में पुरुषों के लिए चार नशा निवारण केंद्र और कुल्लू में महिलाओं के लिए एक केंद्र संचालित हैं। अब सभी जिलों में जिला नशा निवारण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा सिरमौर के कोटला बड़ोंग में 100 बिस्तरों वाला मॉडर्न नशा मुक्ति केंद्र निर्माणाधीन है।
इस अभियान के माध्यम से सरकार का लक्ष्य हिमाचल को चिट्टा मुक्त और सुरक्षित प्रदेश बनाना है।
