समलैंगिक विवाह देश और दुनिया में चर्चा का विषय है | अलग अलग देशों की इस पूरे मुद्दे पर अलग अलग प्रतिक्रिया है | जहाँ कुछ देश इसे अपराध नहीं मानते वहीं कुछ देशों में मौत की सज़ा भी निर्धारित की गई है और अब समलैंगिक विवाह का मुद्दा हिमाचल प्रदेश में भी चर्चा का विषय बन गया है |
दरअसल हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने समलैंगिक विवाह को लेकर एक ब्यान दिया उन्होंने कहा है कि भारत देश में समलैंगिक विवाह को मान्यता मिलती है तो यह धर्म और संस्कृति प्रधान देश के लिए एक बहुत बड़ा संकट होगा। इससे भारत की पूरी सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को बहुत बड़ी चोट लगेगी। उन्होंने कहा कि देश के सभी विद्वान और संगठन इस विषय पर गंभीरता से विचार करें।
मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन
शांता कुमार ने यह प्रतिक्रिया उस समय दी, जब समलैंगिक विवाह की अनुमति के लिए एक मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है एवं एक विशेष पीठ का गठन इस मामले को सुनने के लिए किया गया है। इसी महीने सर्वोच्च न्यायालय में इस पर विचार सुने जाएंगे।
समलैंगिक विवाह एक अपराध
विश्व के बहुत से देशों में समलैंगिक विवाह एक अपराध है और कुछ देशों में इस पर मौत की सजा है। बहुत से देशों में यह अपराध नहीं है। भारत में समलैंगिकता पहले अपराध था, परंतु अब नहीं है। शांता कुमार ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत सरकार ने समलैंगिक विवाह को स्वीकृति न देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय से कहा है, परंतु कई लोग समलैंगिक विवाह को स्वीकृति प्रदान करवाना चाहते हैं।
समलैंगिक मिलन को विवाह नहीं कहा जा सकता
शांता कुमार ने कहा कि इस ब्रह्मांड की रचना करने वाले ने पुरुष और नारी में परस्पर आकर्षण पैदा किया है। इस आकर्षण के कारण ही पुरुष और नारी का मिलन होता है और उससे सृष्टि होती है। यदि मिलन का यह आकर्षण न होता तो सृष्टि नहीं हो सकती थी। विवाह उसे कहते हैं जिससे नया सृजन हो, समलैंगिक मिलन को विवाह नहीं कहा जा सकता।
विकृति का उपचार करें, उसे सम्मान मान्यता नहीं दी जाती
शांता कुमार ने कहा कि इस विकृति को समाज ने कभी मान्यता नहीं दी। यह एक विकृति अर्थात एक बीमारी है और बीमारी का उपचार किया जाता है, उसे सम्मान और मान्यता नहीं दी जाती। शांता कुमार ने कहा कि समलैंगिक विवाह को मान्यता देने के बाद यदि कुछ युवा लड़के बरात लेकर एक लड़के से विवाह करके उसे लाना चाहेंगे तो यह एक बेहूदा नजारा होगा।
