हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल आज अपना 79वां जन्मदिन मना रहे हैं। प्रदेश भर में प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल की पहचान सड़क वाले मुख्यमंत्री के रूप में है। प्रो. प्रेम कुमार धूमल की गिनती हिमाचल के कद्दावर नेताओं में होती है। प्रो. प्रेम कुमार धूमल राजनीति में आने से पहले जब एलआईसी में क्लर्क के पद पर तैनात थे। वहीं उस दौरान के एक बस ड्राइवर की कही बात आज भी प्रेम कुमार धूमल के जहन में है। दरअसल, बात कुछ ऐसी थी कि वह धूमल के दिल में घर कर गई। हिमाचल प्रदेश की राजनीति को बेहद करीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रो. शशिकांत शर्मा बताते हैं कि प्रेम कुमार धूमल एलआईसी एजेंट रहते हुए अक्सर जालंधर से अपने घर आया करते थे।
आपको बता दें कि वह भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। साल 1998 और फिर साल 2007 में धूमल हिमाचल प्रदेश की सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे। प्रो. धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री और छोटे बेटे अरुण धूमल आईपीएल के चेयरमैन है। वहीं धूमल की धर्मपत्नी शीला कभी सक्रिय राजनीति में नहीं रही, लेकिन प्रोफेसर धूमल को आगे बढ़ाने में हमेशा उनका सहयोग रहा।
चढ़ाई नहीं चढ़ पाती थी बस
उस समय घर आने के लिए धूमल बस का इस्तेमाल करते थे। उनके घर के रास्ते की सड़क पर एक जगह ऐसी ढलान आती थी जिस पर बस का चढ़ना मुश्किल हो जाता था। कई बार जब बस में भीड़ ज्यादा होती थी तो कुछ यात्रियों को नीचे उतर कर बस को धक्का लगाना पड़ता था। कभी-कभी बस की छत पर सब्जियां होने की वजह से भी बस उस ढलान को पार नहीं कर पाती थी। एक बार जब बस की छत सब्जियों से भरी थी तब बस ढलान को पार नहीं कर सकी, तो धूमल ने ड्राइवर से कहा कि जब बस चढ़ती नहीं है तो इतनी सब्जियां बस की छत पर क्यों लदवा लेते हो।
ऐसा नेता चुने जिसे सड़कों की एलिवेशन के बारे में मालूम हो
इस पर बस ड्राइवर ने कहा कि मुझे यह बातें कहने से बेहतर है कि अच्छे नेता को चुनों, जिसे कम से कम यह मालूम हो कि सड़क की एलिवेशन कितनी होनी चाहिए? इस बस में कोई खराबी नहीं, सड़क की ढलान ही ऐसी है कि यहां बस चल ही नहीं पाती है। बस ड्राइवर ने भले ही बात को सहजता से कहा हो, लेकिन प्रेम कुमार धूमल के जहन में यह बात उतर गई। पहले एलआईसी एजेंट और फिर प्रोफेसर बनने के बाद प्रेम कुमार धूमल की एंट्री जब हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हुई, तब उन्होंने हिमाचल प्रदेश में सड़कों का ऐसा जाल बिछाया कि आज भी प्रदेशभर की जनता उन्हें सड़कों वाले मुख्यमंत्री के तौर पर याद करती है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. धूमल की सड़कों को लेकर उनके विजन के पीछे शायद उस बस ड्राइवर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
