मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू द्वारा कांगड़ा जिला को टुरिज्म राजधानी बनाने की घोषणा के तहत वन विभाग के वन्य जीव विंग द्वारा पोंग डैम की खूबसुरती को बढ़ाने, वहां आने वाले विदेशी परिंदों की सुरक्षा करने तथा पौंग डैम के विस्थापितो के स्थापन तथा उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आपको बता दे कि पौंग डैम में इस समय विदेशी परिंदों को बचाने के लिए लगभग 6 के करीब गैर सरकारी संस्थाएं भी काम कर रही हैं। इसके साथ ही विस्थापितों और पोंग डैम के साथ लगते गांवों के युवाओं और महिलाओं को रोज़गार के संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए सरकार द्वारा उन्हें सिलाई-कढाई, उद्योगों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाने की योजना तैयार की जा रही है। जिससे की विस्थापित पोंग डैम के नज़दीक पर्यावरण और वन्य जीव संरक्षण में अहम भूमिका निभा सके। इसके साथ ही पोंग डैम के अंदर अन्य स्थान चयनित किए जा रहे हैं जिनको पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सके और पर्यटक वहां जा सके।
इस सम्दर्भ में जानकारी देते हुए डीएफओ वन्यजीव आर रोयसटन ने बताया कि छा़त्रों को व्यवसायिक प्रशिक्षण देने लिए एक प्रशिक्षण केंद्र तथा पुस्तकालय की स्थापना की गई हैं तथा छात्रों को क्लबों के साथ जोड़ा जा रहा है। जिसमें उन्हें वन्य जीवों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पोंग डैम सेंचुरी के अंदर भी कुछ क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है ताकि पर्यटक वहां जा सकें । क्योंकि इससे पर्यटन को ओर बढ़ावा मिलेगा।
पौंग डैम विस्थापितो को रोज़गार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान
