“म्हारी छोरियां ,छोरों से कम है के” इस कहावत को सच साबित करके के दिखाया है कांगड़ा की बेटी अनन्या धीमान ने। जिला कांगड़ा के थुरल की बेटी अन्नया धीमान का बचपन से खाना पकाने का शौक रहा। और जब अच्छा पकाने के चलते जब परिवार की प्रशंसा मिलती तो खुशियों का चार चाँद लग जाता। स्कूल से कॉलेज का सफर करते करते अनन्या ने ठान ली भविष्य में खाना पकाना को ही करियर में तरजीह देना है। बचपन से ही लक्ष्य तय हो चुका था, अब लक्ष्य को कैसे पाया जाए, इसके लिए तकनीकी बारीकियां सीखना भी जरूरी था, जिसके चलते अन्नया दिल्ली चली गई, जहां उन्होंने आईएचएम से प्रोफेशनल शेफ कोर्स किया। अब अन्नया धर्मशाला के श्यामनगर में अपना खुद का रेस्टोंरेंट संचालित कर रही हैं।
रेस्टोरेंट भी अन्नया ने अपने नाम से खोला है, अनन्या के लिए अपना स्टार्टअप खोलना इतना भी आसान नहीं था। पैसे से लेकर सलाह तक सब कुछ निर्भर परिवारों वालों के ऊपर निर्भर थी। अनन्या कहती है कि उन्होंने बैंक से पैसे लोन पर लिया वहीं परिवार वालों भरसक सहयोग रहा। दिमाग में कुछ अलग करने की चाहत में अनन्या का रेस्टोरेंट भी कुछ अलग और स्पेशल है
क्या है अलग
अनन्या के रेस्टोरेंट में लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है। रेस्टोरेंट्स में आने वाले परिवारों के बच्चों के लिए गेम्स भी हैं। यदि कर्मचारी-अधिकारी रेस्टोरेंट में बैठकर काम करना चाहे तो, उसके लिए भी व्यापक जगह उपलब्ध है। ग्राहकों के लिए वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध है। और ऐसे कई जीवन की सुखद अनुभव के लिए इनके रेस्टोरेंट को विजिट कर सकते हैं।
परिवार का सहयोग भरपूर
22 वर्षीय अन्नया ने जब प्रोफेशनल शेफ कोर्स पूरा किया तो समस्या यह रही कि अपना रेस्टोरेंट खोलने के लिए क्या किया जाए। परिवार सदस्यों से बात की तो परिवार से सहायता की बात कही गई। जिस पर अनन्या ने बैंक से लोन लिया और परिवार ने भी सहयोग किया और अन्नया ने रेस्टोरेंट खोल लिया। अनन्या का रेस्टोरेंट संचालन में उसका दोस्त सहयोग कर रहे हैं । परिवार की बात करें तो अनन्या के पिता दिल्ली स्थित ऑटोमोबाइल कंपनी में एडमिनिस्ट्रेटिव हेड के पद पर कार्यरत हैं, वहीं माता सरकारी अध्यापक हैं। परिवार में दादा-दादी व अनन्या की एक छोटी बहन भी है।
