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इस देसी कुत्ते की बहादुरी जानकर ,विलायती कुत्तों को पालना छोड़ देंगे ,जानिए क्या है खूबियां  

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दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में भारतीय नस्‍ल के कुत्‍तों की उपयोगिता पर चर्चा की थी। उन्‍होंने लोगों से अपील की थी कि जब डॉग खरीदने जाएं तो भारतीय नस्‍ल का ही चुनाव करें।देश में विदेशी ब्रीड की कुत्तों को खरीदने का चलन है और अपने देश के लोकल ब्रीड को पालतू और आवारा कुत्ता समझना आम बात है। लेकिन ऐसा नहीं है देसी कुत्तों की बहादुरी जानकार चौक जाएंगे। जानिए मुधोल हाउंड के बारे में। कर्नाटक के देसी नस्ल के मशहूर ‘मुधोल हाउंड’ डॉग्स को प्रधानमंत्री के विशेष सुरक्षा दस्ते में जगह दी गई है

मुधोल हाउंड नस्ल के कुत्तों की बहादुरी का किस्सा कोई नया नहीं है। करीब 300 साल पहले मराठा शासक शिवाजी महाराज की सेना में भी मुधोल हाउंड नस्ल के कुत्तों की मौजूदगी का पता चलता है। इन लम्बे, दुबले-पतले मुधोल कुत्तों में लंबी दूरी तक दौड़ने की क्षमता होती है. ये लगभग 50 किमी / घंटा की गति से दौड़ सकते हैं और 3 किमी की दूरी से किसी भी वस्तु को सूंघ सकते हैं. यह कुत्ते अपने मालिकों के प्रति वफादार होने के साथ-साथ उत्कृष्ट शिकारी होते हैं. इनकी लंबी 72 सेंटीमीटर तक होती है और वजन 20 से 22 किलोग्राम के बीच होता है। 

पहली बार स्वदेशी मुधोल हाउंड नस्ल के कुत्तों को भारतीय सेना की ट्रेनिंग सेंटर में फरवरी 2016 में शामिल किया गया था। मीडिया से बात करते हुए मुधोल हाउंड के ट्रेनर डीके साहू ने कहा था कि शुरुआत में इन्हें 3 सप्ताह की बेसिक ट्रेनिंग इसे दी जाती है। इसके बाद इसकी 36 सप्ताह की ट्रेनिंग होती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल 2022 में SPG अधिकारी कर्नाटक के कैनाइन रिसर्च एंड इंफोर्मेशन सेंटर थिम्मापुर गए थे। इस दौरान रिसर्च सेंटर के अधिकारियों ने उन्हें मुधोल हाउंड नस्ल के दो मेल डॉग सौंपा था। अब SPG ने 4 महीने की ट्रेनिंग के बाद इन्हें अपने बेड़े में लगाने की बात कही है।

मुधोल हाउंड की 6 खूबियां, जिनकी वजह से वो SPG में हुआ शामिल
अपनी 6 खूबियों की वजह से मुधोल हाउंड बाकी कुत्तों से अलग है। इसी वजह से इसे SPG में शामिल किया गया है….

1. लंबे पैरों वाला मुधोल हाउंड अपनी बेहतरीन शारीरिक बनावट की वजह से सुरक्षा एजेंसियों को सबसे ज्यादा पसंद आने वाला स्वदेशी डॉग है।

2. मुधोल हाउंड 270 डिग्री तक देख सकता है। किसी दूसरे नस्ल की कुत्तों से बेहतर देखने की क्षमता की वजह से इसे SPG में शामिल किया गया।

3. देसी नस्ल के दूसरे कुत्तों से ज्यादा सूंघने की क्षमता की वजह से मुधोल हाउंड निगरानी और चौकसी के मामले में बेस्ट डॉग है।

4. मुधोल हाउंड दूसरे कुत्तों की तुलना में कम थकता है। यही नहीं यह बीमार भी कम पड़ता है। यही वजह है कि इसे सेना के दस्ते में शामिल किया गया है।

5. इस देसी नस्ल के कुत्ते को हर मौसम में काम करने की क्षमता होती है। इसका शरीर हर मौसम के मुताबिक खुद को एडजस्ट कर लेता है।

6. मुधोल हाउंड किसी दूसरे स्वदेशी नस्ल के कुत्ते की तुलना में ज्यादा बहादुर और ईमानदार होता है।

सीनियर इंस्ट्रक्टर कर्नल जयविंदर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘यह स्वदेशी डॉग इतना काबिल है कि ट्रेनर की आंखो को पढ़कर यह मिशन पर लग जाता है।’ एक बार कमांडिंग अधिकारी का इशारा मिलते ही तुरंत टारगेट पर हमला कर देता है।

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