Nation Speaks

Ab Bolega Hindustan

नेशनल हेराल्ड केस में ED आज दूसरी बार सोनिया गाँधी से पूछताछ करेगी इसके लिए अब से कुछ देर पहले सोनिया ED दफ्तर पहुंचीं है। उनके साथ राहुल और प्रियंका गाँधी साथ में दिखी। बता दे कि ED के पास 50 सवालों की लिस्ट है, जिसमें से 25 सवाल पूछ लिया गया है।कुछ अख़बारों के मुताबिक पहले दिन सोनिया गांधी से करीब 25 सवाल पूछे जा चुके हैं।इनमें नेशनल हेराल्ड से जुड़े ट्रस्ट, 10 जनपथ पर इसकी बैठक जैसे सवाल भी थे। हालांकि, 3 घंटे की पूछताछ के बाद अधिकारियों ने स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें घर जाने को कह दिया था। आज कांग्रेस मेम्बर , संसद के भीतर सोनिया गांधी से ED की पूछताछ का मुद्दा उठाएंगे। कांग्रेस ने इसको लेकर सोमवार को रणनीति तैयार की थी।

 कांग्रेस मुख्यालय और 10 जनपथ के  बाहर सुरक्षाबलों के जवान तैनात कर दिए गए हैं। कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस कांग्रेस के बड़े नेताओं को राजघाट भी नहीं जाने दे रही है। वहीं संसद सत्र चलने की वजह से प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई  है और मुख्यालय के बाहर धारा 144 लागू कर दी गई है।

 

राहुल गाँधी से भी ED ने 40 घंटे तक पूछताछ कर चुकी है 

नेशनल हेराल्ड मामले में  राहुल गांधी से ED 5 बार पूछताछ कर चुकी है। उनसे करीब 40 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। अब सोनिया गांधी की पेशी हो रही है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जांच में शामिल होने के लिए पेश होना पड़ रहा है।

जाने क्या है नेशनल हेराल्ड केस ?

 भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में बार नेशनल हेराल्ड का मुद्दा उठाया था और अगस्त 2014 में ED ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। केस में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को आरोपी बनाया गया था।

नेशनल हेराल्ड का अस्तित्व 

1937 में पंडित जवाहर लाल नेहरू व अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर नेहरू ने नेशनल हेराल्ड नाम से समाचार पत्र निकालने का निर्णय लिए। इसका उदेस्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में उदारवादी बिग्रेड की चिंताओं  को आवाज़ देना था। नेशनल हेराल्ड अखबार आज़ादी के बाद कांग्रेस का मुख पात्र बन गया।एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड द्वारा नेशनल हेराल्ड को प्रकाशित किया जाता था और बाद में अजल के ही द्वारा हिंदी और उर्दू का प्रकाशित किया  2008 में पेपर 90 करोड़ रूपये से अधिक कर्ज के साथ बंद हो गया ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2022 Designed and Developed by Webnytic
error

Enjoy this blog? Please spread the word :)