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वूशु खेल को समर ओलंपिक में शामिल किया जाए – विश्वनाथ राजेंद्र आर्लेकर

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रविवार को पड्डल मैदान मंडी में राष्ट्रीय स्तरीय सब जूनियर है वुशू चैंपियनशिप का आगाज हो गया है। प्रतियोगिता के शुभारंभ के मौके पर राज्यपाल हिमाचल प्रदेश विश्वनाथ राजेंद्र आर्लेकर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। वहीं इस मौके पर स्पेशल ओलंपिक भारत की अध्यक्ष डॉ मल्लिका नड्डा विशेष रूप से मौजूद रही। 5 दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में पूरे देश भर से 1300 के लगभग खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस मौके पर अपने संबोधन में राज्यपाल विश्वनाथ राजेंद्र अर्लेकर ने कहा कि इस कला को केवल खेल की तरह ना देखा जाए। समाज में जिस तरह अनावश्यक प्रवृतियां बढ़ रही है उनसे निपटने के लिए हर व्यक्ति को सक्षम होना चाहिए। इस खेल को यूथ ओलंपिक में शामिल किया जा चुका है। वहीं ओलंपिक एसोसिएशन में इस खेल को मान्यता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वुशु खेल को समर ओलंपिक में शामिल किया जाए, इस ओर प्रयास होने चाहिए।

वहीं इस मौके पर स्पेशल ओलंपिक भारत की अध्यक्षा मल्लिका नड्डा ने इस खेल में भारत को चार अर्जुन और एक द्रोणाचार्य अवार्ड दिया है। उन्होंने भावी पीढ़ी से वुशू कला को सीखने की  भी अपील की। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी इस कला को अवश्य सीखें। ताकि बच्चे आत्मरक्षा के साथ-साथ समाज की रक्षा के भी गुर सीख सकें। मल्लिका नड्डा ने कहा कि खेलो इंडिया के माध्यम से पूरे देश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नई खेल नीति के तहत प्रदेश में दिव्यांगों के खेलों को भी नई पहचान मिल है। उन्होंने प्रदेश सरकार से दिव्यांग ओलंपिक, पैरा ओलंपिक व स्पेशल ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ इस तरह के खेलों के लिए स्टेडियम बनाने का भी आग्रह किया।

इससे पूर्व राज्यपाल विश्वनाथ राजेंद्र आर्लेकर ने ऐतिहासिक पड्डल मैदान में झंडा फहराकर पांच दिवसीय राष्ट्र स्तरीय सब जूनियर वूशु चैंपियनशिप का विधिवत शुभारंभ किया। वहीं उन्होंने खिलाड़ियों द्वारा निकाले गए भव्य मार्च पास्ट की भी सलामी ली।

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