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ब्यास दरिया में जलस्तर बढ़ने से मंड क्षेत्र जलमग्न ,हजारों एकड़ धान की फसल नष्ट

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गगन बहल
PUNJAB:हिमाचल जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश और बादल फटने से, चक्की दरिया के टूटे हुए रेलवे पुल के कारण पोंग डैम में बढ़ते जल स्तर के कारण ब्यास दरिया में पानी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गई है। जिला कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी में मंड क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। ब्यास दरिया में जलस्तर बढ़ने से दरिया के दोनों किनारों के किसानों की हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों द्वारा फसलों की सुरक्षा के लिए लगाए गए। चार अस्थायी तटबंध भी टूट गए हैं, पोंग बांध प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनी को ध्यान में रखते हुए प्रभावित जिलों के प्रमुखों को सूचित कर दिया गया है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
 
 जलस्तर बढ़ने से मंड मोहम्मदाबाद, बाऊपुर, संगरा, पसन कदीम ,शादुल्लापुर आदि गांवों की हजारों एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है।  किसानों द्वारा फसलों को बचाने के लिए बनाया गया अस्थाई तटबंध भी टूट गए हैं। पानी के तेज बहाव के कारण पानी डेरों में घुस गया है। जिससे किसानों के घर, फसलें,मशीनी , पशुधन भी पानी में डूब गए हैं। प्रशासन ने अभी तक इन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है, जिससे किसान काफी आक्रोशित हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि हमारी  दरिया ब्यास के पानी के साथ तबाह हुई फसल का मुआवजा दिया जाए ।
किसानों ने सरकार और प्रशासन से की हरीके हैड  से पानी छोड़ने की अपील
 मंड क्षेत्र के किसानों ने कहा कि ब्यास दरिया में अचानक से जलस्तर बढ़ने की जानकारी प्रशासन ने हमें नहीं दी।पानी का जलस्तर बढ़ते जा रहा है और अब तक सैकड़ों एकड़ की फसल को पानी ने अपनी चपेट में ले लिया है।फसल डूबने के अलावा कई गांवों के किसान अपने घरों से बाहर निकल कर ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल उगाने  का सारा खर्चा बेकार हो गया है, कुछ नहीं बचा है। बढ़ते पानी की स्थिति यही रही तो हमारी पूरी फसल तबाह हो जाएगी। सरकार से मांग की कि हमारी क्षतिग्रस्त फसलों की भरपाई करके किसानों को आर्थिक मदद की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत हरीके हैंड से पानी छोड़ने का आदेश जारी करना चाहिए, तभी  मंड क्षेत्र का बचा हो सकता है । 

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