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जानलेवा हुआ गोलगप्पा, कर दिया बैन

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गोलगप्पा नाम सुनते ही कइयों के मुँह में पानी आ जाता है ख़ास कर महिलाओं के, लेकिन अगर गोलगप्पे बैन हो जाएं तो क्या हो |

बिलकुल नेपाल की काठमांडू घाटी के ललितपुर में गोलगप्पे बेचने पर रोक लगा दी गई है। क्यूंकि वहां कॉलरा यानि हैजा के मामले काफी ज्यादा हो गए हैं | और वहां हुए एक सर्वे में ये कहा गया है कि यहाँ गोलगप्पे के पानी में हैज़ा के बैक्टीरिया मिले हैं |

मॉनसून शुरू हो चुका है और इस सीजन में हवा में नमी ज़्यादा होती है जिस से चीज़ों पर फफूँद लगने का खतरा रहता है और गोलगप्पे में इस्तेमाल होने वाली चीज़े जैसे सूखे आम, इमली, नींबू सब खट्टी होती है और इन चीज़ों पर फफूँद जल्दी लगती है | अब गोपगप्पे बनाने वाला तो इन चीज़ों को संभाल कर रखता ही है परन्तु उतना ध्यान से नहीं जितना हम अपने घरों में, इसलिए बरसात के इस मौसम में हमें बहार के खाने से कुछ ज्यादा ही परहेज़ करना चाहिए |

साथ ही गोलगप्पे के पानी को खट्‌टा बनाने के लिए सूखे आम, इमली, नींबू आमतौर पर हर सीजन में नहीं मिलता और नींबू भी महंगा होता है। ऐसे में गोलगप्पे के पानी को खट्टा बनाने के लिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड, सल्फ्यूरिक एसिड, टार्टेरिक एसिड, ऑक्जेलिक एसिड जैसे एसिड का इस्तेमाल किया जाता है। अगर इतने तरीके के एसिड मिलाकर गोलगप्पे के पानी को खट्टा किया जाए तो बॉडी का एसिड बेस बैलेंस गड़बड़ हो जाएगा। आप ICU में पहुंच सकते हैं। इतना ही नहीं, इससे जान भी जा सकती है।

इसके अलावा पानी को हरा और खूबसूरत बनाने के लिए पुदीना और धनिया की जगह आर्टिफिशियल कलर भी धड़ल्ले से मिलाया जा रहा है।

इन्हीं एसिड्स और आर्टिफिशियल कलर की वजह से गोलगप्पे स्लो पॉइजन की तरह काम करते हैं।

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